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मरीजों को बंधक बनाकर, एम्बुलेंस चालक करते हैं- अवैध वसूली

हरदोई,(लाव कुश सिंह):-सरकार द्वारा संचालित 102-108 एम्बुलेंस में जगह-जगह निशुल्क सेवा के स्टीकर लगे होने के बावजूद मरीज और उनके तीमारदारों से एम्बुलेंस चालक खुलेआम अवैध वसूली करते हैं। रुपये न देने पर वह मरीज को बंधक बना लेते हैं। ऐसे में मरीज की हालत बिगड़े या फिर मरीज मर जाए इसकी उन्हें कोई परवाह नही।
रुपये के लालच में निःशुल्क एम्बुलेंस चालकों का ज़मीर मर चुका है। मरीजों से की जाने वाली अवैध वसूली मानवता को शर्मसार कर रही है। सरकार भले ही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करे पर हकीकत इसके उलट ही है। ताजा मामला 108 एंबुलेंस से जुड़ा हुआ है। हरियावां ब्लाक के उतरा गांव निवासी अंसार की 30 वर्षीय पत्नी हुसाना की बीते 09 अक्टूबर की रात में हालत बिगड़ गई। हालत चिंताजनक होने पर उसके पति ने निशुल्क एंबुलेंस के लिए 10 बजकर 21 मिनट पर टोल फ्री नंबर पर कॉल किया।
जिसके बाद उसे 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई।एम्बुलेंस नंबर यूपी 41 जी 3145 से जब वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा तो एम्बुलेंस चालक ने उससे 500 रुपये मांगे। रुपए न होने की स्थिति में चालक ने मरीज को उतारने से मना कर दिया। ऐसी स्थिति में अंसार को पत्नी की बिगड़ती हालात देख चिंता होने लगी। काफी मन्नतें करने पर किसी तरह 200 रुपये पर बात बन गई तो अंसार ने 200 रुपये देकर अपनी पत्नी को एंबुलेंस चालक के चुंगल से छुड़ाया।
जिसके बाद हुशाना का इलाज शुरू हो सका। इस दौरान करीब आधा घण्टे तक अस्पताल की चौखट पर आने के बाद महिला इलाज के अभाव में तड़पती रही। पति अंसार ने बताया कि वो रिक्शा चालक है। उसके पास इतने ज्यादा पैसे नहीं थे जो कि एम्बुलेंस चालक को दे पाता। उसे नहीं पता था कि सरकारी एंबुलेंस में पैसे भी लिए जाएंगे। अंसार कोई एक नहीं, हर दिन ऐसे मरीज जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस के माध्यम से आते हैं।
उनसे अवैध वसूली की जाती है। विरोध करने वालों के मरीजों को एंबुलेंस चालक बंधक बना लेते हैं, और पैसे लेने के बाद ही उन्हें अस्पताल के अंदर दाखिल होने देते हैं। हालाकि 102 व 108 एंबुलेंस सेवा सरकार ने पूरी तरीके से निशुल्क कर रखी है। ऐसे में किसी भी चालक द्वारा पैसे मांगना गैरकानूनी है। बावजूद इसके एंबुलेंस चालक मानवता को शर्मसार कर देने वाली करतूतें करते रहते हैं।
उन्हें किसी की गरीबी व बेबसी से कोई ताल्लुक नही। मतलब है तो सिर्फ पैसे से। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी प्रकरण की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। काम नही आई चांदी की अंगूठी! हरदोई। अंसार ने बताया कि उसके पास चांदी की अंगूठी थी।
पत्नी को जल्दी इलाज के लिए वह एम्बुलेंस चालक को अपनी चांदी की अंगूठी देता रहा लेकिन एम्बुलेंस चालक द्वारा अंगूठी की कीमत कम आंकी गयी और नगद रुपये ही लेने की जिद की गई तो किसी तरहं अंसार ने रुपये का बंदोबस्त कर पत्नी को एम्बुलेंस से उतारा।मूकदर्शक बना स्टाफ, तीमारदारों ने कोसा हरदोई। मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाले इस घटनाक्रम को लेकर जिला महिला िकित्सालय स्टाफ मूकदर्शक बना देखता रहा, जबकि अन्य तीमारदार एम्बुलेंस चालक की करतूत को लेकर सरकार व जिम्मेदारों को कोसते नजर आए।

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